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जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इक्कसवीं सदी का युवा

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भारत की सामाजिक चेतना पिछले कुछ वर्ष में बहुत परिवर्तन हुआ है, विशेष कर युवावर्ग में अगर हम बात करे एक खास वर्ष गठन की तो कह सकते लगभग विसबी सदी के अंत और इक्कसवीं सदी के प्राम्भिक दौर मे यह बहुत परिवर्तन कारी रहा , सर्वप्रथम तो भारत पहली बार अर्थव्यवस्था के संकट में आया और बहुत खूबसूरती से बाहर निकला जीसका मुख्य कारण रहा उदार चरित्र आते आते कम्प्यूटर युग आया और फिर 95 मे नेट का आ जाना इंटरनेट आया और धीरे धीरे पूरे समाज मे पैर पसारने लगा, एक पीढ़ी लगभग समाप्त हुई फिर मोबाइल युग से लेकर आज के मल्टीमीडिया सेट तक, कैमरा से लेकर इंस्टाग्राम सेल्फी तक यह कार्य अनवरत चल रहा है , इन सब के मध्य बात करे चरित्र की या फिर युवान चरित्र की वह लगभग अपनी अंतिम अवस्था मे है,पहले की पीढ़ियों मैं और 90 के बाद वाली और दो हज़ार की बाद वाली मे और ज्यादा खतरा मंडरा गया क्यों कि उन्होंने अपना चरित्र कुछ इस तरह खो दिया जैसे कोई बिल्ली आती है और चौके मैं रखे दूध चट कर जाती है ।। लोगो का समाज से कटाव पूरी तरह से मोबाइल फोन ने ले लिया इसकी चपेट मैं युवा ही आये और अपना नियंत्रण खो दिए, जहा मैदान बच्चों से भरे रहते ...

आज का युवान

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किसी भी घटना को देखने के लिये अब लोगो के पास वाद है उन्होंने एक विचारधारा बना ली है, सबके पास खुद के पत्रकार है वे उन्ही को सुनते क्यों कि वे उनकी विचारधारा को पुष्ट करते है, विचार होना चाहिये यह स्वीकार है परंतु विचार वाद मैं बदल रहे क्यों कि यह उनके खुद के अंतरात्मा के नही बल्कि व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी के संदेशों से दिमाग मे फैले है, यह वाद पहले भावात्मक रूप में धर्म जाती मजहब से जोड़ा जाता है जिससे कि उनके ह्रदय में समा जाए और दिमाग लगाने को मजबूर हो जाये, आलोचना विधा अब समाप्त हो गयी है अब बची है तो मार डालो मेरी मर्जी का नही उसे खत्म कर दीजिए यह बहुत खतरनाक है इंसानियत नही है अब वाद चल रहा है लोगो की खुद की पार्टी है वह जो कहे वही सही है आज़ादी के समय भारत में दो या तीन वाद ही चलते थे अब असंख्य है कोई भी विचारो आदान प्रदान करने मे समर्थ नही लोगो की सहनशीलता खत्म हो गयी ।। जो सिख लिया बस वही सही और वही सही यह ज़िद है, यह भावना लोगो को खत्म कर रही है नए प्रकार का युद्ध खड़ा किया जा रहा है जब सब मारे जाएंगे और अपनी विचारधारा पुष्ट करने के लिये खुद को झूठ ही संतुलन बना रहे है ।। युवाओ...