स्त्री और पीरियड
उसे भी पीरियड्स आते हैं :- जो मजदूर महिलाएं हफ्तों से पैदल चल रही हैँ उनमे से कइयों के पीरियड्स चल रहे होंगे। कई के अचानक शुरू हुए होंगे। चलते काफिले में अचानक शुरू हुए पीरियड्स के लिए सबको कैसे रुकने को बोल सकती थी वो ? तो पीरियड्स में चलती रही , 40 मर्दों के बीच ट्रक में बैठी महिला का पीरियड शुरू हो जाये तो क्या करेंगी ? कैसे मैनेज़ किया होगा ? रोटी और बच्चों के लिए दूध खरीदने के पैसे नहीं तो पैड्स तो नहीं ही होंगे। कोई कपड़ा होगा भी तो लगातार हफ़्तों के पैदल चलने में कहां धोया, कब कैसे सुखाया होगा ? कभी सोचा है ? उन दिनों में चलते हुए जाँघ छिल गयी होंगी उसकी । कुछ मजदूर महिलायें गर्भवती भी थी। हमारे घर की गर्भवती को जरा सा दर्द हो तो अस्पताल ले भागते हैं, उन्होंने अपना दर्द किससे कहा होगा ? कह भी दिया तो पति कितना बेसहारा और मजबूर नज़र आया होगा कि कुछ नहीं कर सकता , एक मजदूर महिला को चलते हुए लेबर पेन हुआ, उसने रास्ते में बच्चे को जन्म दिया, बच्चे की नाल काटी और 2 घंटे बाद फिर चलने लगी। आपके घर की महिलाओं की ह...