राजधानी की एक लड़की
आखिर वो भी तो पल है जिस पल हम अपने को दरिया समझ बैठते है और समझ लेते है जिंदगी है आसान उस पत्थर की तरह की देखते ही देखते वो बड़ा हो गया, खैर लोग सफलता देखते है उसके पीछे का संघर्ष कहा ।। यह मे लिख रहा हु एक लड़की की कहानी जो एक बड़े शहर राजधानी मे जन्म लेती है बड़े मान्टेसरी स्कूल मे पड़ने जाती है और जैसा होता है माता पिता दोनों ही बड़े पदों पर होते है और वो पलती है परिवार के हर सदस्यों के बीच वो बुआ भी है तो मौसी भी कुछ इस तरह परिवार की परख हो जाती है एक भाई है तो वो भी घूमता फिरता छोटे भाई की तरह पड़ता और उसका भी जीवनयापन होता लड़के ज्यादा सवेंदनशील नही होते इसलीय उन पर ज्यादा कोई असर नही होता है ।। इस प्रकार प्राइमरी की पढ़ाई खत्म होती है और वह पहुचती है सेकंडरी स्कूल मे ऐसा कम ही होता था वह स्कूल को दस्तक ना दे होनहार थी बचपन से ही मारती थी स्कूल से लेकर आखरी तक टॉप मारने वालो को वैसे भी मोहबत्त सी होती है स्कूल से सो उसको थी ।। जब वो सेकंडरी मे थी तो उसने अपनी जिन्दगी को संभाल सा लिया था ऐसा इसलिये यूरोप मै बच्चा खुद का निर्णय लेने लगे तो समझिए वह बड़ा हो गया उसके बाद वो तमाम जिंदगी के झेमेलो से ऊपर उठते हुए अपनी पहचान बनाने लगती है और बहुत से कार्यक्रम मे भाग लेती बात इक्कीसवी सताब्दी की शुरुआत की है तब नयी साइबर की दुनिया थी और उसके कॉलेज मे साइबर की प्रतियोगिता थी साइबर ओलम्पियाड जिसमे बहुत से स्कूल ने भाग लिया और वो आयी प्रथम ये उसके लीय हैरान करने वाला नही था क्यों की उसको खुद पर ज्यादा विश्वास था एक बार आत्मबिस्वास जागने के बाद उसने लगभग सभी प्रकार के प्रतियोगिता मे भाग लिया जिसमे पेंटिंग सिंगिंग इंग्लिश अछि बोलने की प्रतियोगिता हो सबमे बढ़चढ़ के हिस्सा लिया ये सब करते करते वह कुछ लोगो से अलग मुकाम बना लिया जिससे कुछ लोग तो मोहबत्त करते कुछ लोगो को जलन की भावना भी आ गयी इसी बीच उसे एक यशी मिलती हो जो उसकी बेहतरीन सखी बन जाती है और पारिवारिक हो जाती है और अंत तक उससे दोस्ती परवान चढ़ती है ।।
अब साल दर साल चलते वह मैट्रिक परीक्षा पहुचती है और पूरे राजधानी मे अपनी धाक बनवाती है पूरा सहर उसके नाम से गूंज उठता है ।। इन सब के बीच वह कुछ अपनी विशेष चीजो को अपनाती है और आगे बढ़ती है और मजबूत लड़की की तरह उसे स्वंत्रता पसन्द होती अपना व्यू आफ पॉइंट रखने का सामर्थ्य रख लिया था घूमना फिरना होटल मे जाना खाना पीना एक लजीज शोक हो गया था जिसे इंग्लिश मे हॉबी कहते है ।।
अब रही थी इंटर की परीक्षा उससे पहले जब विषय चुनने की बात आई तो डॉक्टर बनना था यह सोचा तो नही था लेकिन लड़कियो को गणित से नफरत होती है सो उसे भी थी उसने डॉक्टर बनने को सोचा और बायो(जिव विज्ञानं) लेकर इंटर की परीक्षा में एक बार फिर राजधानी टॉप कर दिया अब जब बात थी कहि और जाने की तो पेपर दिया डॉक्टरी के सबसे बड़े पेपर का तो ठहरी सामान्य तो सिलेक्शन नही हुआ अगर साल भर तैयारी करती तो भारत टॉप कर देती ऎसा उनके मास्टर ने कहा खैर डेंटल मिला राजधानी मे ही था घर से दूर था दाखिला ले लिया रिस्तेदारो के चैन आ गयी की बड़ी डॉक्टर नही बनेगी अच्छा है ।।
इसी बीच लगभग पचास किलोमीटर का सफर तय करके वह रोज कॉलेज आती और जाती बिलकुल आसान नही होता एक खूबसूरत लड़की का लंबा सफर करना हज़ारो लोगो की नजरों से संघर्ष करति हुई वह पहुचती घर से कॉलेज फिर घर ऐसे ही एक साल बीतता है बहुत से दोस्त बनते है तरह तरह की बाते होती है फिर परीणाम की रात होती है सब टकटकी लगाए रहते है परिणाम आता है और गुमनाम सा नाम पुरे कैंपस मे गूंज उठता है वो नाम उसी का होता है उसकी खुशियो के फूले नही समाते वो रातो रात हज़ारो की चहेती बन जाती है ।। लेकिन सफलता सर नही चढ़ती वह और मेहनत करती है अगली बार पूरी यूनिवर्सिटी टॉप कर जाती है ये सुनने मे अछा लगता वास्तव मे उसकी मेहनत बहुत मेहनत उसका त्याग उसकी सोच का परिणाम था एक यूनिवर्सिटी में लगभग सोलह कॉलेज होते है उनमें लगभग सात हज़ार बच्चे सभी एक ही चीज की परीक्षा
देते है यह सब बिलकुल भी आसान नही होता इसी बीच बहुत से लोग उसे अपनी प्रेमिका बनाना चाहते थे बनाना वो भी चाहती थी क्यों की राजधानी की लड़की थी समझदार थी रिचार्ज उसे भी कराना होता था सो बना भी ली सिर्फ रिचार्ज की हैसियत से लोगो की दिल से ईमानदारी पसन्द थी तो वो दिल किसी का नही दुखती थी और इस तरह सबकी चहेती बन गयी लगातार पांच साल यूनिवर्सिटी टॉप करने का ख़िताब हासिल किया और अंत मे प्रेम मे भी बंध गयी एक प्रेटिक्ल आदमी से जो की पहले कभी उसका रिचार्ज भी कराता था ।।
और उम्मीद है बह बहुत अचछी दन्त चिकित्सक बनेगी जो पैसो को नही इंसान को समझेगी और मानव मात्र के कल्याण के लीय हमेशा आगे रहेगी।।
अब साल दर साल चलते वह मैट्रिक परीक्षा पहुचती है और पूरे राजधानी मे अपनी धाक बनवाती है पूरा सहर उसके नाम से गूंज उठता है ।। इन सब के बीच वह कुछ अपनी विशेष चीजो को अपनाती है और आगे बढ़ती है और मजबूत लड़की की तरह उसे स्वंत्रता पसन्द होती अपना व्यू आफ पॉइंट रखने का सामर्थ्य रख लिया था घूमना फिरना होटल मे जाना खाना पीना एक लजीज शोक हो गया था जिसे इंग्लिश मे हॉबी कहते है ।।
अब रही थी इंटर की परीक्षा उससे पहले जब विषय चुनने की बात आई तो डॉक्टर बनना था यह सोचा तो नही था लेकिन लड़कियो को गणित से नफरत होती है सो उसे भी थी उसने डॉक्टर बनने को सोचा और बायो(जिव विज्ञानं) लेकर इंटर की परीक्षा में एक बार फिर राजधानी टॉप कर दिया अब जब बात थी कहि और जाने की तो पेपर दिया डॉक्टरी के सबसे बड़े पेपर का तो ठहरी सामान्य तो सिलेक्शन नही हुआ अगर साल भर तैयारी करती तो भारत टॉप कर देती ऎसा उनके मास्टर ने कहा खैर डेंटल मिला राजधानी मे ही था घर से दूर था दाखिला ले लिया रिस्तेदारो के चैन आ गयी की बड़ी डॉक्टर नही बनेगी अच्छा है ।।
इसी बीच लगभग पचास किलोमीटर का सफर तय करके वह रोज कॉलेज आती और जाती बिलकुल आसान नही होता एक खूबसूरत लड़की का लंबा सफर करना हज़ारो लोगो की नजरों से संघर्ष करति हुई वह पहुचती घर से कॉलेज फिर घर ऐसे ही एक साल बीतता है बहुत से दोस्त बनते है तरह तरह की बाते होती है फिर परीणाम की रात होती है सब टकटकी लगाए रहते है परिणाम आता है और गुमनाम सा नाम पुरे कैंपस मे गूंज उठता है वो नाम उसी का होता है उसकी खुशियो के फूले नही समाते वो रातो रात हज़ारो की चहेती बन जाती है ।। लेकिन सफलता सर नही चढ़ती वह और मेहनत करती है अगली बार पूरी यूनिवर्सिटी टॉप कर जाती है ये सुनने मे अछा लगता वास्तव मे उसकी मेहनत बहुत मेहनत उसका त्याग उसकी सोच का परिणाम था एक यूनिवर्सिटी में लगभग सोलह कॉलेज होते है उनमें लगभग सात हज़ार बच्चे सभी एक ही चीज की परीक्षा
देते है यह सब बिलकुल भी आसान नही होता इसी बीच बहुत से लोग उसे अपनी प्रेमिका बनाना चाहते थे बनाना वो भी चाहती थी क्यों की राजधानी की लड़की थी समझदार थी रिचार्ज उसे भी कराना होता था सो बना भी ली सिर्फ रिचार्ज की हैसियत से लोगो की दिल से ईमानदारी पसन्द थी तो वो दिल किसी का नही दुखती थी और इस तरह सबकी चहेती बन गयी लगातार पांच साल यूनिवर्सिटी टॉप करने का ख़िताब हासिल किया और अंत मे प्रेम मे भी बंध गयी एक प्रेटिक्ल आदमी से जो की पहले कभी उसका रिचार्ज भी कराता था ।।
और उम्मीद है बह बहुत अचछी दन्त चिकित्सक बनेगी जो पैसो को नही इंसान को समझेगी और मानव मात्र के कल्याण के लीय हमेशा आगे रहेगी।।

Itna pyaar aur izzat k lie mai tumari bhut bhut abahri hu.❤️❤️❤️❤️❤️❤️
जवाब देंहटाएंधन्यवाद यह बहुतो के प्रेरणा देने वाली लेख है
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