अखिलेश सिंह एक विचार

अखिलेश सिंह एक नाम नही एक विचारधारा थी, वह एक मात्र शख्स नही पूरी किताब थे, आज से लगभग छब्बीस साल पहले अपने राजनीतिक करियर को शुरू करने वाले युवा तुर्क अखिलेश सिंह जिसने गांधी परिवार की सीट जाने वाली सदर पर कब्जा जमा दिया वो दिन और आज का दिन सदर रायबरेली अखिलेश सिंह के हाथों लिखी गयी क्या शानदार व्यक्तित्व लोगो के दिलो पर राज करने वाले अखिलेश सिंह, जिनके चर्चे न सिर्फ रायबरेली में बल्कि पूरे पूर्व से लेकर पश्चिम तक विस्तृत थे जो गरीबो का मशीहा बना और गुंडों का गुंडा
क्या ज़िंदादिली थी उस महामानव की जिसने तीस साल तक एक मुश्त विधायकी पेश की
दूसरी पार्टी में रौब इज्जत सम्मान और फिर क्षेत्र के लिये तीन बार मंत्री पद ठुकरा देना
कितनो गरीबो की दुआओ का नजीर बन गया अखिलेश सिंह
किसी की बेटी की शादी हो गरीब के जवान पर अखिलेश सिंह का नाम एक उम्मीद थे, किसी का राशन कार्ड नही बना तो, तो कही आग लगी, कहि रंगदारी मांगी जा रही सिर्फ इन सबकी समस्या का हल अखिलेश सिंह , रायबरेली में सरकार की कोई जरूरत रही नही क्यो की अखिलेश सिंह काफी था जनता के लिए, अपराध की दुनिया को आम जन मानस से खत्म करने वाला अखिलेश सिंह, पूरी बाजार में बेखोफ बैठने वाले की जुबान पर अखिलेश सिंह, गुंडों माबलियो को अपनी एक आवाज से नेस्तनाबूद कर देने वाला अखिलेश सिंह
वे जनता के लिये सर्व थे वह सपष्ट थे और शानदार थे राजनीतिक रूप से ईमानदार थे और डंके की चोट पर यह कहते थे "पूरे जिले में राजनैतिक रूप से सबसे ज्यादा कर देने वाला ठाकुर अखिलेश सिंह" आप निविर्वाद रूप से यह तो आपको कोई समर्थन करता था यह विरोध
जनमानस का अपार समर्थन इतना था कि देश का सबसे बड़ा परिवार आपके कर कमलों मे पलके विछाये रहता था ।।
आप युवा तुर्क के लीये एक विचारधारा थे आपके आदर्श कोई राजनीतिक नही बल्कि सुभाष चन्द्र बोस और महाराणा प्रताप का सामंजस्य था  ।।
आप सही मायनों में राजपूत समाज की आन बान शान थे, आप ही थे जिन्होंने अपनी जातियों पर गर्व करना सीखा दिया, कोन होगा आप जैसा जब देश दंगो की चपेट मे था, आपने पूरे शहर को शांत रखा, हिन्दू मुस्लिम एकता सर पर रखी और उसे नाज के साथ आगे बढ़ाया,
आपका कद आपके पद से बहुत ऊंचा था बहुत ऊंचा,
आपको भविष्य में पुरोधा की तरह याद किया जाएगा आज आप छोड़कर चले गए पूरा शहर मानो थम सा गया हो आप बहुत याद आने वाले है आप ही हम सबकी प्रेरणा रहेंगे ।।
आपकी जीवटता को सलाम अभी तीन दिन पहले तक सीना तानकर चलने वाले अखिलेश सिंह जिनको देखकर खून दौड़ उठता था, जिनसे मिलने के बाद आत्मा प्रसन्न हो उठती थी
आपका स्टाईल सादगी से भरा और दबंग रहा युवाओ को बहुत भाता था, आपका जनता के प्रति रुझान, होली हो या दीवाली, ईद हो या बकरीद अखिलेश सिंह हाज़िर है ये कर्तव्यनिष्ठा थी अखिलेश सिंह जी की, आप जिस प्रशासन पर गुस्सा हो जाते थे सिर्फ आम जन मानस के लिये वो भी पूरी शिद्दत के साथ आपको नम आंखों से अन्तिम विदाई दिया, हम सब रायबरेली वासी आपकी ऋणी है
विनम्र श्रद्धांजलि आदरणीय 🙏🙏🐅🐅
यह मेरा दावा है जो कभी रद्द नहीं होगा,तेरे कद के बराबर अब किसी का कद नहीं होगा ,रायबरेली वालो यह बात हमेशा याद रखना कई सदियों तलक कोई ,
अखिलेश सिंह नहीं होगा!
"सत सत नमन विधायक जी!
(अखिलेश सिंह अमर रहे अमर रहे )

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