मैरी नेपाल यात्रा

shivtalk.inसितम्बर का मास कुछ ऐसा होता है कि वह लगभग सावन के बाद पड़ता है और मानसून का लगभग अंत इस प्रकार पिछले कुछ वर्षों से महादेव की अनुकम्पा से यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त होता रहा है, पिछली बार भगवान श्री कृष्ण की नगरी और तीर्थ स्थल तो अबकी भगवान श्री राम और महादेव के तीर्थ स्थल जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, तीन सितंबर को फोन आता है हमारे प्रिय मित्रो का और हमारी यात्रा शुरू हो जाती है पहले अयोध्या, गोरखपुर के रास्ते नेपाल
नेपाल तीन अक्षरों समावेश ही नही अपितु पूरी संस्क्रति का परीचायक है बहुत ही छोटा देश लेकिन स्वभिमान बहुत बड़ा इतना कि नेपाल पेट्रोलियम अपने दम पर चलाने का पूरा प्रयास, पहाड़ियों में बसा अद्भुत वातावरण लिए सनातन का बिगुल फूंक करता हुआ एक देश, शानदार प्रस्तुति हिन्दू राष्ट्र की ।।
पहुचने पर लगा कि कुछ मामलों में बहुत खुला है, वियर,वाइन,दारु,मिट,मांस हर दुकान लगभग रखने को तैयार है और रखती है भारतीय लगभग वह दर्शन को जाते है तथा युवा पीढ़ी अपने रोमांश को जगाने के लिये इसे कहने मे कोई गुरेज नही होना चाहिए, भक्ति धर्म का सामंजस्य नेपालियों मे भरपूर प्रतिवस्था मे है
इन सबके बीच नेपाल ने यह करके दिखाया है कैसे दो विकसित देशों का सहारा लेकर अपने को सम्रद्धि दे सकता है, भारत और चीन की परिकल्पना से बना देश विश्व मे अपने को अनुग्रह मे रखता है यह अविस्मरणीय है और शानदार है,लोग अच्छे है शानदार और विकसित है वह महिलाओ पर व्यवसाय की निर्भरता है।।
अपनी भव्यता के अनुरूप भारत और नेपाल का सानिध्य विश्व की प्रगाढ़ता को दर्शाता है,
हम इसी विचार के साथ नेपाल की वादियों मे रहते हुए आप सबसे विदा लेता हूं ।।
आपका शिवांक

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