गांधी जी
मोहनदास कर्म चन्द्र गांधी ऐसा नाम जो अपने प्राम्भिक दिनों मे अनवरत कष्ट झेले और राष्ट्रपिता की उपाधि तक बहुमूल्य रूप में पहुचे, एक ऐसा व्यक्त्तिव साम्राजय जो पूरे विश्व की अहिंसावादी ताकतों का घोतक है, गांधी को लिख पाना आसान है लेकिन उन्हें समझना उतना ही परे हो भी क्यो न हो, गांधी को वही समझ सकता है जिसके पास सागर जैसा ज्ञान हो या वह अल्पज्ञानी, पिछले कुछ वर्षों मे गांधी के नफरत वाले सामने से वार करते है और उन्हें मारने वाले का गुणगान करते है, गांधी से मोहबत भी की जा सकती है और नफरत भी परन्तु परिस्थितियों के अनुसार, आप जाइये विसबी सदी के प्रारम्भ मे जाइये उस समय इंग्लैंड भारत पर पूरी तरह से हावी था वह पर एक नेता की जरूरत थी जो तमाम गतिविधियों को स्तरीय अवलोकन करके अपनी बात विक्टोरिया के कानों मे पहुचा सके, ब्रिटिश एक कम्पनी से पूरे राज्य की उतराधिकार घोषित कर दिया इतनी बड़ी त्रासदी से अगर लड़ पाया कोई तो वो गांधी की सोच ही थी
ब्रिटिश हुकूमत ने रौलट एक्ट से आज़ादी दे दी थी जब लाखो संख्या में लोग मर रहे थे गांधी ने समझौता वादी नीति का तोड़ निकाला और अपने को आगे करके अहिंसा का मार्ग चुना और जनांदोलन बनाकर अंग्रजो की रीढ़ तोड़ने में कामयाब हुए
ब्रिटिश हुकूमत ने रौलट एक्ट से आज़ादी दे दी थी जब लाखो संख्या में लोग मर रहे थे गांधी ने समझौता वादी नीति का तोड़ निकाला और अपने को आगे करके अहिंसा के मार्ग पर बढ़ गए
यह गांधी जी की उपलव्धि थी वह ब्रिटिश हुकूमत को सीधे सीधे चुनोती दिए और तमाम बड़े आंदोलन को सम्माहित रूप से नेतृत्व किया
गांधी जी ने सभी लोगो का मार्गदर्शन करते हुए अपने देश के नेतृत्व को आगे किया यह कहने मे गुरेज नही लोकतंत्र गांधी की देन है भारत में
बटवारे की धूल जब हिंदुस्तान खा रहा था तब महात्मा गांधी जी के अश्वाशन पर वर्ग विशेष को विश्वास दिलाया और *अनेकतामे एकता* का मंत्र दिया यह गांधी जी की खूबसूरती थी ।।
आखरी मे कहना चाहूंगा गांधी इस देश की महत्वपूर्ण उप्लवधि थे और विश्व के पटल पर छा जाने वाले अविस्मरणीय नेता थे जिन्होंने सादगी से प्रत्येक साम्रज्य को जीत लिया
जब दूसरे देश के राजदूत या जिम्मेदार पद पर बैठा हुआ व्यक्तित्व आता है तो वह बापू की समाधि को सर्वप्रथम नमन करता है, इतना विराट महामानव को आप शव्दों मे नही तोल सकते गांधी बनने के लिये आपको गांधी को समझना पड़ेगा
आप लाख मजाक बनाइये,उनके चरखे से आज़ादी का दम्भ भरा मजाक करिये परन्तु आज जो किसान जिंदा है वह कहीं न कही गांधी नजर आता है, भारत सरकार का मेक इन इंडिया हिलोरे मारता है तो उसके पीछे गांधी की विचारधारा है
गांधी के चरखे ने किसान और मजदूर को खूबसूरत तरीके अंगीकार किया ।।
गांधी हमारे देश के राष्ट्रपिता थे है और रहेंगे, और मे गांधी के देश का हु मुझे फक्र है इस तथ्य पर
ब्रिटिश हुकूमत ने रौलट एक्ट से आज़ादी दे दी थी जब लाखो संख्या में लोग मर रहे थे गांधी ने समझौता वादी नीति का तोड़ निकाला और अपने को आगे करके अहिंसा का मार्ग चुना और जनांदोलन बनाकर अंग्रजो की रीढ़ तोड़ने में कामयाब हुए
ब्रिटिश हुकूमत ने रौलट एक्ट से आज़ादी दे दी थी जब लाखो संख्या में लोग मर रहे थे गांधी ने समझौता वादी नीति का तोड़ निकाला और अपने को आगे करके अहिंसा के मार्ग पर बढ़ गए
यह गांधी जी की उपलव्धि थी वह ब्रिटिश हुकूमत को सीधे सीधे चुनोती दिए और तमाम बड़े आंदोलन को सम्माहित रूप से नेतृत्व किया
गांधी जी ने सभी लोगो का मार्गदर्शन करते हुए अपने देश के नेतृत्व को आगे किया यह कहने मे गुरेज नही लोकतंत्र गांधी की देन है भारत में
बटवारे की धूल जब हिंदुस्तान खा रहा था तब महात्मा गांधी जी के अश्वाशन पर वर्ग विशेष को विश्वास दिलाया और *अनेकतामे एकता* का मंत्र दिया यह गांधी जी की खूबसूरती थी ।।
आखरी मे कहना चाहूंगा गांधी इस देश की महत्वपूर्ण उप्लवधि थे और विश्व के पटल पर छा जाने वाले अविस्मरणीय नेता थे जिन्होंने सादगी से प्रत्येक साम्रज्य को जीत लिया
जब दूसरे देश के राजदूत या जिम्मेदार पद पर बैठा हुआ व्यक्तित्व आता है तो वह बापू की समाधि को सर्वप्रथम नमन करता है, इतना विराट महामानव को आप शव्दों मे नही तोल सकते गांधी बनने के लिये आपको गांधी को समझना पड़ेगा
आप लाख मजाक बनाइये,उनके चरखे से आज़ादी का दम्भ भरा मजाक करिये परन्तु आज जो किसान जिंदा है वह कहीं न कही गांधी नजर आता है, भारत सरकार का मेक इन इंडिया हिलोरे मारता है तो उसके पीछे गांधी की विचारधारा है
गांधी के चरखे ने किसान और मजदूर को खूबसूरत तरीके अंगीकार किया ।।
गांधी हमारे देश के राष्ट्रपिता थे है और रहेंगे, और मे गांधी के देश का हु मुझे फक्र है इस तथ्य पर

👍🏻 vry nice
जवाब देंहटाएंShukuria
हटाएं🤩🤩
जवाब देंहटाएंShukuriya
जवाब देंहटाएं