मुम्बई एक शानदार दुनिया

शिवा जी की मुंबई से लेकर मुगलिया सल्तनत की पहली पसंद मुंबई रही, आधुनिक काल में बड़े बड़े कुख्यात दबंगों की मुंबई पहली पसंद रही हैं,उसकी झलक दिखती भी है, आज भी डि कम्पनी की धाक देखते ही बनती है, इन सभी के मध्य मराठी मानुष का उद्घोष करने वाले हृदय हिन्दू सम्राट बाला साहेब ठाकरे की मुंबई भगवा रंग में रंगी रहती है समय समय पर ।।
रहन_*सहन*
मुम्बई बिल्डिगों का शहर कही जाती है और है भी, जितनी तेजी से मुंबई ने खुद को विकसित किया आज़ादी के बाद यह अपने आप मैं बडी बात थी परन्तु इसके पीछे का मुख्य कारण था मुंबई में ब्रिटिश हुकूमत ने शानदार कार्य किए और साथ ही उसे अपना रंग भी दिया जिसकी छाप रेलवे स्टेशन पर और उनकी बसाई हुई परिधि में दिखता है, उनका दिया हुआ सीवेज सिस्टम आजतक कारगर है और शेष मुंबई बाढ़ से त्रस्त रहती है, देखने के मुताबिक यहां लोगो के लिए मनोरंजन के साधन बहुत है, घूमने के जगह बहुत सारी होने के कारण और साथ ही समुद्र का भव्य स्वागत यह शहर करता है, तनावग्रस्त ज़िन्दगी से मुक्ति मिल जाती है, जनसंख्या बहुत होने के कारण रहने के समस्या है फिर भी लोग जीवन यापन कर रहे है, बहुत सी कहानियां हैं मुंबई के पीछे, मुंबई साफ दिखती है क्यो की पाबन्दियां है सार्वजनिक स्थानों पर, चकाचौंध से भरी हुई है मुंबई परंतु सब कुछ बजट में भी है, भूख आप कम पैसों में भी निपटा सकते है,इधर चाय के शौकीन कम है हमने भी दस दिन में तीन कप ही चाय पी लेकिन बेहतरीन चाय थी यहां चाय का विकल्प जूस है, जो कि सही मूल्य पर उपलब्ध है हर एक चौराहे पर, इन सब बातो के बीच कुछ बाजार है जैसे मनीष मार्केट,मोहमद अली रोड पर बाजार, जो कि सस्ती और अच्छी बाजार है दिल्ली की तर्ज पर
युवाओं के लिए मुंबई हमेशा आकर्षित करती है, फ्रेंच किश से लेकर लिप डॉन्न तक सब देखने को मिलता है इधर, रोमांस के लिए मरिन ड्राइव सबके लिए है और सुरक्षित हैं,उत्तर भारत में उतना सजाने के लिए पन्द्रह सो खर्च हो जाता है, खैर मौसम अच्छा होता है ज़िन्दगी लोगो की चल रही है, प्यार मोहब्बत इश्क सब बराबर से बरसता है,होना भी चाहिए इससे इच्छा पूरी होती है और लोगो का मन भी शानदार स्थिति मैं रहता है,
इधर जरनेशन गेप कम है इसी के साथ आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित है मुंबई, सभी बड़े और राष्ट्रीय बैंको के स्थापित मुख्यालय यही पर है, भारत का जो भी श्रेष्ठ है आर्थिक रूप से मुंबई की सरजमीं पर स्थापित है ।।




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