

कुछ भी संभव है, यह परिपाटी सदियों पुरानी है, लोग जब कहते थे कि समय नहीं है, बहुत से अति आवश्यक कार्य भी उन चोबीस घंटो में नहीं हो पाते थे, एक शोर सुनाई देता था, दिल्ली मुम्बई गुडग़ांव की चकाचौंध में सिर्फ काम ही काम है फुर्सत है ही नहीं, स्कूल, कालेज जो की पिछले पांच वर्षों में जल्दबाजी का शिकार होते गए, नव नेनिहालो की खुशी मार कर एक सत्र पूरा नहीं की तुरन्त ही दूसरा थोपने की टीस होत्ती थी यह सब धरी की धरि रह गई यह सब संस्कृति पश्चिम की थी यूरोप की लेकिन भारत ने बहुत तेजी से अपनाया, कोविड19 कोरोना जैसी वीभत्सता भरी बीमारी आती है, जों की चीन के जैविक हतियार जैसे कदमों से निकली और उसके घर से निकलते हुए, इटली,अमेरिका,ईरान,स्पेन,फ्रांस,आस्ट्रेलिया फिर भारत में पहुंचती है, इटली वह देश है जहां की व्यवस्था को वह सभी मानते थे जो बौद्धिक तौर पर बहुत मजबूत माने जाते है, विश्व की दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं में अव्वल और इस समय अपनी जान बचाने के लिए आतुर, चीन इतना वीभत्स हो चुका की उसकी दी हुई बीमारी पूरे विश्व के लिए काल हो गई, लेकिन इस बीमारी ने भारत की संस्कृति का महत्व बता दिया जब इजरायल, अमेरिका और फ्रांस सब नमस्ते को अपनाने लगे हो शाकाहार का नेतृत्व भारत ने बखूबी किया, और देश को बताया साहब हम आज भी विश्व को ज्ञान देने की ताकत रखते है, देश आभारी रहेगा सदियों तक वर्तमान नेतृत्व का जिसने समय रहते एक बहुत बड़ा फैसला लिया और सामाजिक दूरी का निर्णय लेते हुए लॉक डाउन का फैसला लिया, इतना ही नहीं प्रशासन को भूमिका में लाते हुए चीजे सफल भी हुई, कुछेक प्रकरण हुए जिसके कारण मामले बड़े हो गए उनकी नसमझी देश को भुगतनी पड़ रही खैर भारत सदैव आसंवित रहता है कुछ नया करने को, सो उसने चीजों को हाथो में लेते हुए आगे बढ़ा, भारत अभी स्वास्थ्य सेवा में बहुत जायदा पीछे है, यह स्थति भयावह रूप भी ले सकती है लेकिन कुछ मजहबी कार्यक्रम एवम् लोगो को आने वाली भीड़ ने काफी नुकसान किया भारत का, भारत एक ऐसा देश है जो *Hydrochlorine queen* नामक दवाई का उत्पादन बड़ी मात्रा में करता है तथा इसकी आपूर्ति अफ्रीका एवम् एशियाई देशों में के साथ साथ विकसित देशों को भी करता है, भारत अपनी सदैव परोपकारी नीति को आगे बढ़ाते हुए भारत ने निर्यात करने का भी फैसला लिया और जिसका परिणाम यह हुआ, अमेरिका के राष्ट्रपति और इजरायल,ब्राजील के प्रमुख ने खुल कर देश के नेतृत्व की हार्दिक प्रशंसा की और मेरा ऐसा मानना है भारत के पास दुनिया को देने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में ज्यादा कुछ नहीं है, इसलिए भारत को अभी बहुत सी ppe किट् वेंटिलेटर इत्यादि आयात करवाना ही पड़ेगा सो यह एक अच्छा फैसला था ।। भारत विश्व को परिवार मानता है यह वसुधेव कुटुंबकम की परिकल्पना को साकार करता है,बहुत से ऐसे तबके है जो दब गए है फिर भारत अपरिहार्य रूप से इस वीभत्स वायरस से लड़ रहा है, और भारत जब जब मैदान जान में गया है जीता है, भारत फिर जीतेगा इसका उद्घोष हो चुका है, इन सबके बीच जो गांव गरीब किसान के लिए कार्य कर रहे है, भोजन की व्यवस्था कर रहे है, ईश्वर उन्हें दिव्यता प्रदान करे, पुलिस प्रशासन, हेल्थ केयर इन सबका कर्ज हिंदुस्तान हमेशा याद रखेगा।।
Brilliant 🙏
जवाब देंहटाएंWaah
जवाब देंहटाएंThank you
हटाएंExcellent 🙏
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