Women in writing
मिथकों का बदलना, उन्हें स्त्रियों के नज़रिये से देखा जाना ~यह तस्वीर न्यू यॉर्क टाइम्ज़ से ली गयी है। तस्वीर में हाथों में ग्रीक गॉड पर्सीयस का सिर लेकर खड़ी ग्रीक मिथॉलजी की मशहूर वैम्प साँप जैसे बालों वाली मेडुसा का स्कल्प्चर है।
यह स्कल्प्चर नामचीन कलाकार लूचानो गरबाती की परिकल्पना है। #MeToo मूवमेंट के वक़्त फ़ेमिनिस्टिक विरोध का प्रतीक चिह्न बन चुकी यह मूर्ति मिथकों को स्त्रिवादी नज़रिए से देखने की कोशिश थी।
ग्रीक कथाओं के अनुसार मेडुसा एक शापित औरत थी जिसके बाल साँप के थे। वह जिसे भी देखती, वह व्यक्ति पत्थर का हो जाता। फ़्लोरेंस में पन्द्रहवीं-सोलहवीं शताब्दी के कलाकार सेलिनी की बनायी हुई प्रतिमा है जिसमें नग्न परसियस मेडुसा के सिर को लेकर खड़ा है। इस प्रतिमा के पीछे क़िस्सा यह है कि समुद्र के देवता पोसायडन ने ख़ूबसूरत बालों वाली मेडुसा के साथ एथेना देवी के मंदिर में बलात्कार किया था। एथेना इससे मेडुसा पर नाराज़ हो गयी और मेडुसा को शाप दे दिया कि वह जिसे भी देखेगी, पत्थर का हो जाएगा। उसके बाल साँप जैसे हो जाएँगे।
(वही पुरानी बात, बलात्कार स्त्रियों की ही तो ग़लती होती है।
मेडुसा बलात्कार पीड़ित स्त्री और एथेना पितृसत्तात्मक मानसिकता को पोषित करती हुई वह स्त्री जिसे पुरुष का दोष दिखता ही नहीं था।)
ज़्यूस के बेटे पर्सीयस ने अपनी माँ डैनी को पॉलीडेक्ट्स नाम के राजा की बुरी नज़र से बचाने के लिए उसे मेडुसा के सिर का तोहफ़ा दिया था। यह देखना लाज़िम है कि सेलिनी की बनायी प्रतिमा में पर्सीयस नग्न है और मेडुसा का सर उसके हाथ में है। कहा जाता है कि पर्सीयस ने नींद में मेडुसा का सिर काटा था।
लूचानो ने पूरे मिथक को मेडुसा के नज़रिये से बदला। नयी प्रतिमा में नग्न मेडुसा के हाथ में पर्सीयस का सिर है। यह सेक्शुअल अफ़ेन्स के ख़िलाफ़ मेडुसा के बदले का प्रतीक चिह्न था। मिथक का यह पुनर्पाठ स्त्रियों की बढ़ती चेतना का पाठ है। एक चेतावनी है, स्त्री हिंसा के ख़िलाफ़। एक क़वायद शोषण का इतिहास से लेकर भविष्य तक माकूल जवाब देने की।
मिथकों को इस तरह बदलने वाले कलाकार जिएँ। लेखक और लिखें। ❤️
#MythologyAndWomen
#HailFeminism

Bhut accha likha h...well done 🙌🙌🙌🙌
जवाब देंहटाएं🔥🔥🔥🔥रऊवा लेखनी के जोड़ा नइखे🔥🔥🔥🔥बेजोड़
जवाब देंहटाएंअरे आभार आभार पीसी 😍😍
हटाएंwritten very deeply...🙏
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