विजय उद्घोष


 मै जब लिख रहा हु तो देश अपितु मै खुद अपने परिवार के सदस्यों के कोविड 19 के बीच लड़ रहा हु, लगभग बीस दिनों से इस लड़ाई को बहुत पास देख पा रहा हु, इसी बीच हमे राज्य की भूमिका का आकलन पता चलता है,साथ खड़े रहने वालो की सहभागिता का ओचित्य समझ मै आता है, लगभग लड़ाई हम जीत चुके है एवम देश भी जितने की ओर है, 2 मई का दिन बहुत से परिणाम का दिन था, कोविड के बीच चुनाव आयोग और सरकार की गन्दी जिद के बीच चुनाव हुए जिससे 10 लाख से अधिक जनता सीधे तौर पर प्रभावित हुई, इस बीच भाई *राघवेंद्र प्रताप सिंह* का भी विजय उद्घोष हुआ, मुझे यह ज्ञात था जिस प्रकार सूर्य का उदय होना निश्चित है उसी प्रकार भाई का विजय होना भी, मुझे उम्मीद है जो भी पंचायत की जिम्मेदारी होंगी उनका आचरण पूर्ण रूप से भाई करेंगे, लोगो के साथ खड़े जैसे आज होते है वैसे ही अब चार गुना ताकत के साथ समर्थन और  विश्वास के साथ रहेंगे।।

भाई का जितना इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है, आपने युवा को साथ लिया,गांव, वुर्जुग,दलित,शोषित, वंचित को अपना समझ कर नतमस्तक हुए आपका एक एक वोट यह संदेश देता है की *सेवा ही राजनीति है* ,

किसी व्यक्ति के मस्तिष्क में ऐसा कोई तत्व हो सकता है जो कि भावनाओं को नियंत्रित करते हों. उदाहरण के तौर पर एक अध्ययन से पता चलता है कि अचानक शोर-गुल सुन कर कुछ अमरीकी स्वयंसेवकों को सबसे ज्यादा पसीना आने लगा और यही वे लोग भी थे जो कि मृत्यु दंड और इराक युद्ध का समर्थन कर रहे थे.


एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि ब्रिटेन में उदारवादियों और रूढ़िवादियों की दिमागी संरचना में कुछ मूलभूत अंतर होते हैं. मस्तिष्क का एक हिस्सा जो कि भावनाओं से संबंधित होता है, वो रूढ़िवादियों में कुछ बड़ा होता है.

इस प्रकार आप एक बड़े जिम्मेदार पद पर मुझे विश्वास है आप शानदार पारी खेलेंगे, और राजनीति को सेवा बना देंगे आप मानक तय करेंगे,जिन लोगो ने भी वोट दिया उनकी आशाओं और आकांक्षा पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे, ये जीत केवल आपकी नही है यह जीत उन सभी भावी युवाओं की है जो सेवा को विकल्प नहीं राजनीति की मुख्यधारा मै लाना चाहते है, नेहरू जी ने संसद पटल पर बोला था महात्मा गांधी जी का ग्राम स्वराज्य अच्छे युवाओं के आने से ही आमूलचूल परिवर्तन करवाएगा ।।

भाई आपको एक बार फिर से बधाई ।।

आप आसमान मै टिमटिमाते रहे गगन चूमे हार्दिक अभिनंदन दादू ।।

”मुर्दा लोहे को भी औजार बनाने वाले,

 अपनी आंसू को भी हथियार बनाने वाले,

 हमको नाकाम समझते है शियासत-दा मगर,

  हम है इस देश की सरकार बनाने वाले” ।।

साभार शिवांक❤️❤️


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