तिरंगा 🇮🇳🇮🇳
तिरंगा #राष्ट्र ध्वज #भारत #इंडिया #स्वतंत्र #गणतंत्र दिवस #स्वतंत्रता दिवस #independanceday #republicday तिरंगा क्या है? तीन रंगों से रंगा हुआ समन्वय और उसके मध्य चोवीस तिलिया? बनती छवि इतनी ही
है लेकिन उसके लिए जो भारत को नही जानता,तिरंगा एक भारतीय के लिए आन वान शान है,तिरंगा एक स्वाभिमान का प्रतीक है, तिरंगा ऊर्जा का स्रोत है,तिरंगा अमृत काल की भावना है लेकिन इतना सब क्यों विशेष बनाता है एक तिरंगा उसका एक मात्र कारण है भारतवासी की भारतीयता, जब सरकार ने हर घर तिरंगा की धुन दी कई देशवासी नाराज हुए अपने जायज कारणों से क्यों की इस अगस्त के पहले तिरंगा को बड़ी हिफाजत से और नजाकत से फहराया गया,किंतु परंतु सरकार ने एक फैसला किया देशवासियों ने आजादी के 75 वर्ष मैं अपनी जिजीविषा से तिरंगे का सम्मान किया, क्रिकेट मैच मै बज रही धुन हो या बच्चो की प्रभात फेरी सब मैं वही जोश, भारत माता की जय, इंकलाब ज़िंदाबाद के नारों से सुशोभित होता तिरंगा कितना भव्य है तिरंगे की महिमा, एक सैनिक की मां पत्नी बच्चे सब कुछ छोड़ जाति है अपनी पति,बेटे,पिता को आखिरी श्रद्धांजलि भी उसी तिरंगे के बीच देती है और भाव रहता है आत्म समर्पण का मानो भारत माता सामने हो,यह सब एक तिरंगे के नीचे होता है, सायद ही कोई देश होगा भारत के शिवा जो अदभुत है, विराट है अपने एक प्रतीक को इतना सम्मान से देखता है
तिरंगा के बारे मै कुछ रोचक बताता हु सायद आपने पहले न सुना समझा हो देश आजादी के लिए लगभग दो सो साल संघर्ष किया, उसमे अनवरत किस्से आए अभिव्यक्ति आई जिसमें कुछ मै बिंदुवार बताता हु।।
1=
स्वामी विवेकानंद की आयरिश शिष्या मार्गरेट नोबल ने वर्ष 1905 में कोलकाता में निवेदिता कन्या विद्यालय की छात्राओं के साथ एक राष्ट्रीय ध्वज तैयार किया। इस ध्वज में वज्र बनाया गया था, जो शक्ति का प्रतीक था। इसके केन्द्र में श्वेत कमल बनाया गया था, जो पवित्रता का प्रतीक था।
2=माना जाता है कि भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्त 1906 को कोलकाता में पारसी बागान स्क्वायर ग्रीन पार्क में फहराया गया था। इसमें लाल, पीले और हरे रंग की तीन पट्टियाँ थी, जिनके बीच में वंदे-मातरम् लिखा था।
3=मैडम भीकाजी कामा और उनके सहयोगी क्रांतिकारियों ने अगस्त 1907 में, जर्मनी के शहर स्टुटगार्ट में दूसरी सोशलिस्ट कांग्रेस के अधिवेशन स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह विदेशी भूमि पर फहराया जाने वाला पहला भारतीय ध्वज था। इसे ‘भारत की स्वतंत्रता का ध्वज’ नाम दिया गया।
4=भारत में स्वशासन की स्थापना के उद्देश्य से चलाए जाने वाले होमरूल आंदोलन के प्रमुख भाग के रूप में वर्ष 1917 में एक नया झंडा अपनाया गया। इसमें 5 लाल और 5 हरी आड़ी धारियाँ और सप्तऋषि के आकार में सात तारे थे।
5=अप्रैल 1921 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने एक भारतीय ध्वज की आवश्यकता महसूस की। गांधी जी ने पिंगली वेंकय्या को चरखे के साथ एक ध्वज डिजाइन करने को कहा। इस ध्वज में लाल और हरे रंग के साथ सफेद रंग को जोड़ा गया। इस ध्वज के केन्द्र में चरखा बनाया गया।
6=कराची में वर्ष 1931 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में पिंगली वेंकय्या द्वारा तीन रंगों का ध्वज तैयार किया गया। इस ध्वज को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया। इसमें लाल रंग बलिदान का, श्वेत रंग पवित्रता का और हरा रंग आशा का प्रतीक माना गया। देश की प्रगति का प्रतीक चरखा इसके केन्द्र में जोड़ा गया।
7=22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने वर्तमान स्वरूप में स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया।
8=
इसके शीर्ष पर केसरिया रंग है जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। इसके मध्य में सफेद रंग है, जो शांति और सत्य का प्रतीक है। सबसे नीचे हरा रंग है, जो भूमि की उर्वरता, विकास और शुभता प्रदर्शित करता है। ध्वज के वर्तमान रूप के केन्द्र में 24 तीलियों वाला चक्र है। इस चक्र का उद्देश्य यह दिखाना है कि गति में ही जीवन है ।
9=
हमारे राष्ट्रीय ध्वज में लंबाई चौड़ाई का अनुपात 3:2 है।
10=पिंगली वेंकैया इस राष्ट्रध्वज के रचनाकार थे। उनका भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी उनका अतुलनीय योगदान रहा।
अंत में इतना ही कहना चाहूंगा तिरंगा हमारी आपकी सबकी आन वान शान है,तिरंगे से ही हम आप सुकून की रोजी रोटी कमाने से सक्षम है क्यों की देश है तो प्रदेश है फिर हम और आप है ।।
भारत माता की जय
#जयतु भारत

❣️
जवाब देंहटाएंजय हिंद
हटाएं♥️♥️♥️♥️♥️
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