गणपति उत्सव

 गणेशोत्सव के इन 8-10 दिनों में एक आदत सी हो जाती है सभी को बप्पा के साथ आनंद में रहने की, दौड़ते भागते जीवन में सुकून, समाधान, सकारात्मक ऊर्जा, रचनात्मकता, शांति, समाधान लेकर आते है गणपति बाप्पा..शायद इसीलिए उनके आगमन की ख़ुशी से कई ज्यादा बढ़कर दुःख अनन्त चतुर्दशी को उन्हें विदा करने का होता है...वर्ष भर का सारा सुखः दुःख भी बाप्पा के चरणों में ही अपर्ण होता है...जिनपर कुछ नहीं..जो बहुत अधिक संपन्न नहीं वो भी साल भर थोड़े थोड़े करके पैसे जोड़ते है गणेशोत्सव के लिए...ताकि 10 दिन अपने गणपति बाप्पा की अच्छे से सेवा कर सके...


विसर्जन के दिन सबसे ज्यादा कठिन तो छोटे बच्चों को समझाना होता है कि गनु बाप्पा जा रहे है...उन्हें जाना होगा..अगले वर्ष फिर से आएँगे...  


कंठ रुध्द है और आँखे भींगी हुई फिर भी हँसकर खुशी से विदा कर रहे है बप्पा आपको.. आपकी दी हुई बुध्दि सद्कर्म में लगी रहे और जीवन आपके चरणों की सेवा में व्यतीत हो...हर सुखः दुःख में आप साथ रहे...अपनी अपनी लड़ाई हम लड़ लेंगे पर कभी जरूरत पड़ी तो आधार दीजिए...जीवन की अड़चनों में हे महाराजा आप साथ दीजिए...


अब आज्ञा दीजिये...


हम सभी से जैसा बन पड़ा आपकी सेवा की..वो मान्य कीजिए ! आदर सत्कार में कोई भूल हुई हो, कोई कमी रह गयी हो तो हम आपके भक्त क्षमाप्रार्थी है...🥺🙏


निरोप घेतो देवा आम्हा आज्ञा असावी

चुकले आमुचे काही त्याची क्षमा असावी

आभाळ भरले होते तु येताना,

आता डोळे भरुन आलेत तुला पाहुन जाताना..


दाटला जरी कंठ तरी

निरोप देतो तुला हर्षाने

माहीत आहे मला देवा..

पुन्हा येणार तु वर्षाने..!


अनंत चतुर्दशी की सभी को शुभ कामनाएँ ! गणपति बाप्पा सभी का मंगल करें ! 


गणपती बाप्पा मोरया पुढच्या वर्षी लवकर या !!🙏🚩


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