बहिन कुमारी मायावती जी

 

९ अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक हो गया भारतीय राजनीति में,बहुजन समाज पार्टी की मुखिया सुश्री बहिन कुमारी मायावती जी ने एक रैली बुलाई काशीराम जी को श्रद्धांजलि देने के लिए अंबेडकर पार्क लखनऊ में,मायावती ने इतनी बड़ी रैली सरकार जाने के बाद पहली बार किया चुनाव को छोड़कर, मात्र एक आहवान पर अम्बेडकर पार्क खचाखच भर गया, अपार जनसमूह पहुंचा,दलितों की राजनीति करने वाली मायावती,गांव,गरीब,किसान,शोषित,दलित,आदिवासी का जनसमूह पैदल अपने साधन से पहुंचा,इतना भव्य कार्यक्रम और भीड़ देखकर राजनीतिक पंडितों को हतप्रभ कर दिया,मायावती जी की ताकत रही भगवा लहर में एक भी संसद सदस्य न होने के बावजूद राष्ट्रिय पार्टी का तमगा हासिल है साथ ही पंजाब हरियाणा में अच्छा वोट बरकरार है, मायावती जी का वोटर एकमुश्त सुरक्षित रहा और मजबूती से बसपा के साथ खड़ा रहा,यह तो सच मायावती जी से बड़ा दलित नेता अभी भारतीय राजनीति में नहीं जो उनका कद छू सके,मायावती आज भी अगर सक्रिय राजनीति में आती है तो यह एक बड़ा राजनीतिक उथल पुथल का केंद्र होगा,

मायावती जी ने जातिवाद का जहर को समझा और सहा है उसके बाद काशीराम जी के सामाजिक बिंदु पर एक होकर बामसेफ के लिए लड़ाई लड़ी,एक आवाज दी दलित समाज को जो जाती सबसे निकृष्ट समझी गई उसी के पैरों में सबसे बड़ी जाती के लोग अपना रुमाल लेकर बहिन कुमारी मायावती के जूते साफ करने लालायित दिखे,इतनी ताकत दी उनके समाज ने की ४ बार मुख्यमंत्री देश के सबसे बड़े सूबे की बनी इतनी बड़ी हस्ती बनी कि आज भी राजनीतिक केंद्र का बिंदु है,एक आवाज पर लाखों लाख की भीड़ खड़ी करने का क्षमता बहिन कुमारी मायावती जी के पास है,बहिन जी ने अपना उतराधिकारी आकाश आनंद को बनाया जो उनके भतीजे है,परन्तु यकीन मानिए बहिन जी जैसा कोई दूसरा न होगा,दलित की आवाज आदरणीय बहिन मायावती जी का स्थायित्व राजनीति के केंद्र में हमेशा बना रहेगा,गरीब और मजलूमों की आवाज,उच्च जातियों की संगठन गंदी सोच का मुंहतोड़ जवाब आदरणीय बहिन जी है ।।

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